अटल जी की पुण्यतिथि पर झारखंड के 17 जिलों में अटल क्लिनिक का हुआ उदघाटन

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के नाम लिए जाएं तो जेहन में सबसे पहले दोनों की कट्टर सियासी प्रतिद्वन्द्विता सामने आती है. दोनों पार्टियां बेशक एक दूसरे पर जमकर प्रहार करती रहें लेकिन चुनावी फायदे के लिए एक दूसरे की लोकलुभावन योजनाओं का लाभ उठाने से भी परहेज नहीं करतीं.


 


दिल्ली की राजनीतिक जमीन पर वर्चस्व के लिए दोनों पार्टियों की कोशिशें किसी से छुपी नहीं हैं. बीजेपी और आप के नेता एक दूसरे को कठघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. लेकिन दिल्ली की केजरीवाल सरकार की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए शुरू की गई 'मोहल्ला क्लीनिक' योजना का महत्व बीजेपी भी समझती है.  


 


'मोहल्ला क्लीनिक' की तर्ज पर इस विचार को जम्मू और कश्मीर, तेलंगाना, कर्नाटक में अपनाए जाने के बाद अब झारखंड में भी बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने आज यानी 16 अगस्त से इसकी शुरुआत की है. फर्क ये है कि झारखंड में इस योजना को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 'अटल क्लीनिक' रखा गया है. आज 16 अगस्त को ही वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि है.


 



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इस बार शब-ए-बारात 8-9 अप्रैल की रात है। इस्लामी कैलेंडर में इस रात को पवित्र माना जाता है और इस मौके पर लोग मस्जिदों में इबादत करते हैं और अपने दिवंगत परिजन और रिश्तेदारों के लिए दुआ मांगने कब्रिस्तान जाते हैं।
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी, मुस्लिम इत्तेहाद परिषद के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद की तरफ से अपील जारी की गई है। कई दूसरे संगठनों ने भी अपील का समर्थन किया है।
कर्नाटक प्रदेश औकाफ बोर्ड ने निर्देश दिया है कि 9 अप्रैल को शब ए बरात के दौरान कोई भी मस्जिद में जाकर सामूहिक प्रार्थना न करे। साथ ही पूरे प्रदेश में लोगों के दरगाह या कब्रिस्तान जाने का कार्यक्रम भी रद्द रहेगा।
NEWS देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर अपने समुदाय के लोगों से घर पर ही रहने की अपील की है। धर्मगुरुओं ने अपील की है कि लोग बुधवार रात शब-ए-बारात के मौके पर दुआ के लिए कब्रिस्तान नहीं जाएं और घर पर रहकर ही इबादत और दुआ करें।
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उन्होंने एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस महामारी का रूप ले चुका है और भारत में 4000 हजार से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। इसको देखते हुए मस्जिदों में रोजाना और जुमे की नमाज बंद हो गई है।