अखिल भारतीय किसान सभा ने विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरा

मुक्त व्यापार समझौता लागू का विरोध करने तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने सोमवार को सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर उपजिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारी राज्य कौंसिल सदस्य आनंद प्रकाश चौरसिया, जिला यक्ष कमला यादव, जिला मंत्री सदानंद चौरसिया, जिला उपाध्यक्ष रामजी चौहान के नेतृत्व में सुभाष चौक से सिविल लाइन रोड पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कचहरी चौराहा पहुंचे। जहां प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि किसानों को खरीफ फसल का मुआवजा दिया जायप्रदर्शन करने वालों में रामबदन गोंड, अदालत हुसैन, महेंद्र राजभर, कमरुन निशा, सोनी आजाद, शमीम अख्तर, कमलेश चौरसिया, परमज्योति, काशीनाथ कुशवाहा, चक्रपाणि तिवारी, सुबाष गुप्ता, महेंद्र गोंड, रामखेदारू यादव, केश्वर निषाद, राजमंगल निषाद, रामाज्ञा शामिल रहे। आंदोलन के समर्थन में किसान खेत मजदूर संघ के राष्ट्रीय नेता शिवाजी राय भी मौजूद रहे


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इस बार शब-ए-बारात 8-9 अप्रैल की रात है। इस्लामी कैलेंडर में इस रात को पवित्र माना जाता है और इस मौके पर लोग मस्जिदों में इबादत करते हैं और अपने दिवंगत परिजन और रिश्तेदारों के लिए दुआ मांगने कब्रिस्तान जाते हैं।
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी, मुस्लिम इत्तेहाद परिषद के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद की तरफ से अपील जारी की गई है। कई दूसरे संगठनों ने भी अपील का समर्थन किया है।
कर्नाटक प्रदेश औकाफ बोर्ड ने निर्देश दिया है कि 9 अप्रैल को शब ए बरात के दौरान कोई भी मस्जिद में जाकर सामूहिक प्रार्थना न करे। साथ ही पूरे प्रदेश में लोगों के दरगाह या कब्रिस्तान जाने का कार्यक्रम भी रद्द रहेगा।
NEWS देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर अपने समुदाय के लोगों से घर पर ही रहने की अपील की है। धर्मगुरुओं ने अपील की है कि लोग बुधवार रात शब-ए-बारात के मौके पर दुआ के लिए कब्रिस्तान नहीं जाएं और घर पर रहकर ही इबादत और दुआ करें।
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उन्होंने एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस महामारी का रूप ले चुका है और भारत में 4000 हजार से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। इसको देखते हुए मस्जिदों में रोजाना और जुमे की नमाज बंद हो गई है।